पाकिस्तानी करेंसी अब तक के सबसे निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 188 रुपये से ज्यादा का हुआ पाकिस्तानी रुपया

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Pakistani Rupee Fall: निर्यात आय बाजार की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है और यही हालत बढ़ते विदेशी कर्ज भुगतान और बढ़ते आयात को लेकर भी हैं. इन्हीं सब कारणों से वहां रुपये पर दबाव आ रहा है.

Pakistani Rupee: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ऋण कार्यक्रम को फिर से शुरू करने को लेकर अनिश्चितता के बीच पाकिस्तानी मुद्रा मंगलवार को इंटरबैंक बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.60 रुपये की गिरावट के साथ अब तक के सबसे निचले स्तर 188.66 रुपये पर आ गई है. जियो न्यूज की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय मुद्रा ने अपने 7 अप्रैल के रिकॉर्ड निचले स्तर 188.18 रुपये को पार कर लिया है.

क्यों आई है ये गिरावट
करेंसी डीलरों का मानना है कि आईएमएफ कार्यक्रम में देरी, मित्र देशों से तत्काल वित्तीय सहायता की कमी, विदेशी मुद्रा भंडार में कमी और बढ़ते व्यापारिक घाटे ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बनाए रखा है. दरअसल फ्यूल और बिजली पर सब्सिडी को हटाने के लिए नई सरकार की मर्जी नहीं है जो आईएमएफ कार्यक्रम के पुनरुद्धार के लिए पूर्व-शर्तें हैं. इसने इंवेस्टर्स के सेंटीमेंट को खराब कर दिया है.

रुपये पर दबाव के अन्य कारण
इसके अलावा, निवेशक गिरते विदेशी मुद्रा भंडार के बारे में चिंतित हैं. इसका कारण यह है कि निर्यात आय बाजार की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है और यही हालत बढ़ते विदेशी कर्ज भुगतान और बढ़ते आयात को लेकर भी हैं. जियो न्यूज ने बताया कि इन्हीं सब कारणों से रुपये पर दबाव पड़ रहा है.

पाकिस्तान बड़े आर्थिक संकट की ओर
सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और चीन से वित्तीय सहायता पर भी अस्पष्टता है. पूर्व प्रधानमंत्री की उस घोषणा के बाद से राजनीतिक तापमान भी बढ़ रहा है, जिसमें उन्होंने चेताया है कि वह नए चुनावों की मांग के लिए 20 मई के बाद अपने समर्थकों के साथ इस्लामाबाद की ओर से बड़ा मार्च करेंगे.

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