शेयर्स का अलॉटमेंट हुआ शुरू, आप ऐसे चेक करें आपको शेयर मिले या नहीं

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आज LIC के IPO के शेयर्स का अलॉटमेंट शुरू हो गया है। अगर आपने भी IPO के लिए अप्लाय किया है और आपके मन में ये सवाल है कि आपको कैसे पता चलेगा कि IPO में शेयर आवंटित हुए हैं या नहीं? तो हम आपको बता रहे हैं कि आप ये कैसे चेक कर सकते हैं।ऐसे चेक…

आज LIC के IPO के शेयर्स का अलॉटमेंट शुरू हो गया है। अगर आपने भी IPO के लिए अप्लाय किया है और आपके मन में ये सवाल है कि आपको कैसे पता चलेगा कि IPO में शेयर आवंटित हुए हैं या नहीं? तो हम आपको बता रहे हैं कि आप ये कैसे चेक कर सकते हैं।

ऐसे चेक करें शेयर मिले या नहीं

  1. सबसे पहले BSE की ऑफिशियल वेबसाइट www.bseindia.com पर क्लिक करें।
  2. यहां अगले पेज पर आपको ‘equity’ का ऑप्शन दिखाई देगा।
  3. इसे सेलेक्ट करें और ड्रॉपडाउन में ‘LIC IPO’ का चयन करें।
  4. इसके बाद पेज खुलने पर आपको अपना एप्लिकेशन नंबर और PAN कार्ड नंबर भरना होगा।
  5. इसके बाद आप ‘I am not a robot’ को वेरिफाई करें और सर्च बटन को क्लिक करें।
  6. आपके सामने LIC IPO शेयर अलॉटमेंट का स्टेट्स खुल जाएगा।
  7. यहां से आपको पता चलेगा कि शेयर अलॉट हुए हैं या नहीं।

17 मई को LIC IPO शेयर बाजार में लिस्ट होगा
LIC IPO 9 मई तक निवेश के लिए खुला था। अब IPO बंद होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट आज, यानी 12 मई को होगा। मतलब आज आपको पता चल जाएगा कि IPO में शेयर मिले हैं या नहीं। इसके बाद 17 मई को LIC IPO शेयर बाजार में लिस्ट होगा।

डीमैट में कब तक आएंगे शेयर?
LIC IPO के निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर 16 मई तक क्रेडिट हो जाएंगे। LIC के शेयर स्टॉक मार्केट में 17 मई तक लिस्ट हो जाएंगे और इनमें ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। बाजार के जानकारों की मानें तो इश्यू प्राइस के मुकाबले ऊंचे प्रीमियम पर शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

इश्यू 2.95 गुना सब्सक्राइब हुआ
LIC के IPO को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। रिटेल और अन्य निवेशकों के लिए 4 मई को खुले इस IPO के सब्सक्रिप्शन का 9 मई को आखिरी दिन था। इश्यू 2.95 गुना सब्सक्राइब हुआ है। 16.2 करोड़ शेयरों के मुकाबले 47.77 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।

LIC IPO पर केंद्र को राहत
सुप्रीम कोर्ट ने LIC के IPO को लेकर केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दखल देने से इंकार कर दिया है। अब IPO की तय प्रक्रिया पहले की ही तरह जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘यह निवेश का मामला है। पहले ही 73 लाख सब्सक्रिप्शन बन चुके हैं। ऐसे मामले में हम कोई अंतरिम राहत नहीं दे सकते। अंतरिम राहत देने का मामला नहीं बनता।’ हालांकि, कोर्ट IPO की संवैधानिक वैधता का परीक्षण करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मनी बिल के जरिए केंद्र को नोटिस भेजा है।

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Prachand.in. Publisher: Bhaskar News

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