5G Launch Date: भारत में पहली 5जी कॉल इस महीने से संभव, लेकिन पहले होगी स्पेक्ट्रम की नीलामी

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5G Launch Month: नीलामी की प्रक्रिया को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए ट्राई ने 700 मेगाहर्टज की कीमतों में 40 फीसदी की कटौती की सिफारिश कर रखी है.

5G Launch 2022: देश में पहली 5जी कॉल इस साल के अगस्त-सितंबर महीनों में होने की उम्मीद है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक इसके लॉन्च होने के बाद भारत न सिर्फ 5जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी में बड़ी छलांग लगाएगा बल्कि वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में भी इसकी स्थिति मजबूत होगी.

सूत्रों का ये भी कहना है कि स्वदेशी 5जी निजी कंपनियों के लिए आकर्षक और आर्थिक रूप से व्यावहारिक रहेगा. देश में पहली 5जी कॉल के समय संबंधी सवाल पर कहा गया है कि यह अगस्त-सितंबर में संभव होगी. इसके लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी प्रक्रिया जून से जुलाई के बीच होने के लिए सही राह पर है. हालांकि, नीलामी में स्पेक्ट्रम आवंटन 20 या 30 साल के लिए होगा या नहीं, इस पर अभी कोई स्पष्टता नहीं आ सकी है.

सरकार आश्वस्त

दूरसंचार नियामक ट्राई ने 30 सालों में आवंटित रेडियो वेव के लिए कई बैंडों में आधार मूल्य पर 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की एक नीलामी की योजना तैयार कर रखी है. दूरसंचार मंत्री के मुताबिक समय पर इस नीलामी होगी.

सरकार 30 सालों की अवधि के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन करती है तो इसके लिए ट्राई एक लाख मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए सिफारिश की है. अगर 20 साल के लिए आवंटन होता है तो आरक्षित मूल्य के आधार पर इसकी कुल वैल्यू 5.07 लाख करोड़ रुपये के करीब होगी. 5जी के लिए भले ही ट्राई ने स्पेक्ट्रम की कीमतों में 39 फीसदी की कटौती की सिफारिश की है, लेकिन इसके बावजूद दूरसंचार कंपनियों का मानना है कि अभी भी भारत में 5जी स्पेक्ट्रम की कीमतें दुनिया के मकुाबले ज्यादा हैं.

स्पेक्ट्रम की क्या होंगी कीमतें

हालांकि सरकार का तर्क है कि जहां तक स्पेक्ट्रम की कीमतों से जुड़ी ट्राई की सिपारिशों की बात है तो इसका जल्द ही अच्छा हल निकाला जाएगा. इससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में कीमतों में कुछ और बदलाव हो सकता है. कीमतों से संबंधित उद्योग की चिंताओं को भी सुलझाया जाएगा.

दूरसंचार मंत्रालय के हिसाब से, 5जी स्पेक्ट्रम के लिए कितना शुल्क कंपनियां देंगी. इस पर फिलहाल ट्राई और दूरसंचार कंपनियों के बीच एकमत नहीं है. नीलामी की प्रक्रिया को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए ट्राई ने 700 मेगाहर्टज की कीमतों में 40 फीसदी की कटौती की सिफारिश कर रखी है.

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