Cheque Bounce Cases Supreme Orders To Constitute Special Court For Clearing Cheque Bounce Cases

[ad_1]

Cheque Bounce Cases: सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस (Cheque Bounce Cases) होने के केस में सख्त रुख अपना लिया है. अगर किसी व्यक्ति द्वारा जारी किया गया चेक बाउंस हो जाता है तो ऐसी स्थिति में अब उस पर सख्त कार्रवाई होगी. देश में बढ़ते चेक बाउंस के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि अब इस तरह के केस की जल्द से जल्द निपटारा किया जाएगा. इसके लिए कोर्ट ने विशेष अदालतों (Special Court)के गठन का आदेश दिया है.

चेक बाउंस के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने आदेश जारी करते हुआ कहा है कि इस तरह के मामलों की जल्द सुनवाई और उसके निपटारे के लिए एक विशेष अदालत बनाई जाएगी. न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट की बेंच ने कहा है कि देश के कई राज्य जैसे महाराष्ट्र (Maharashtra), दिल्ली (Delhi),उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), राजस्थान (Rajesthan) और गुजरात में बड़ी संख्या में चेक बाउंस के मामले लंबित पड़े हैं. ऐसे में इस मामलों के जल्द निपटारे के लिए ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत एक विशेष अदालत बनाई जाएगी. इससे चेक बाउंस के मामलों का निपटारा जल्द होगा.

1 सितंबर के बाद स्पेशल कोर्ट करेगा सुनवाई
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने कहा, ‘हमने पायलट अदालतों के गठन के संबंध में न्याय मित्र के सुझावों को शामिल किया है. इसके लिए हमने समय सीमा भी दी है. यह 1 सितंबर 2022 के बाद से शुरू होनी है.’ बेंच ने अपने आदेश में यह भी कहा कि इस आदेश को जल्द से जल्द लागू किया जाए. इसके साथ ही 21 जुलाई 2022 तक मामले का हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. बता दें कि अब इस मामले पर अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी.

इस राज्य में चेक बाउंस के सबसे ज्यादा मामले
पूरे देश में चेक बाउंस के 44 लाख मामले लंबित हैं. इसमें सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लंबित हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार करीब महाराष्ट्र में 5.60 लाख के लंबित पड़े हैं. वहीं राजस्थान में 4.79 लाख केस, गुजरात में 4.37 लाख, दिल्ली में 4.08 लाख और उत्तर प्रदेश में करीब 2.66 लाख चेक बाउंस के केस लंबित पड़े हैं. यह सभी आंकड़े 13 अप्रैल 2022 तक के हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द इन मामलों के निपटाने के लिए सख्त है.

ये भी पढ़ें-

UPI Payment: बिना इंटरनेट के भी फीचर फोन से कर सकते हैं यूपीआई पेमेंट, जानें पूरा प्रोसेस

EPFO: ईपीएफओ के पोर्टल पर पेंशनर्स को मिलती है घर बैठे सभी जानकारी, नहीं लगाने पड़ेंगे ऑफिस के चक्कर

[ad_2]

Source link

Leave a Comment