India Best CEO Know Who Is C P Gurnani Who Bailed Out Saytam Computers And Merged With Tech Mahindra

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India Best CEO C P Gurnani: साल 2009 में सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज ( Satyam Computer Services) के फाउंडर बी रामालिंगा राजू  ने सार्वजनिक तौर पर ये कहा कि उन्होंने सत्यम कंप्यूटर के अकाउंट को एक बिलियन डॉलर बढ़ा चढ़ाकर पेश किया है. जिसके बाद पूरे आईटी जगत में हलचल मच गई. केंद्र सरकार हरकत में आ गई.  बी रामालिंगा राजू को गिरफ्तार कर लिया गया और सत्यम के बोर्ड को सरकार ने भंग कर दिया. लगा हैदराबाद की पहचान बन चुके सत्यम कंप्यूटर ( Satyam Computer) खत्म हो जाएगा. लेकिन उद्योगगपति आनंद महिंद्रा ( Anand Mahindra) ने सत्यम को पटरी पर लाने का निश्चय किया. इसके लिए उन्होंने अपनी आईटी कंपनी टेक महिंद्रा के इंटरनेशनल ऑपरेशन देख रहे सी पी गुरनानी (C P Gurnani) को चूना. 

सत्यम का किया टेक महिंद्रा में विलय
कुछ ही महीनों में सत्यम कम्प्यूटर का कायाकल्प हो गया. कुछ सालों बाद 2013 में सत्यम का टेक महिंद्रा ( Tech Mahindra) में विलय हो गया. और टीसीएस ( TCS), इंफोसिस ( Infosys), विप्रो ( Wipro), एचसीएल टेक ( HCL Tech) के बाद टेक महिंद्रा ( Tech Mahindra) देश की पांचवी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है. और इसका श्रेय जाता है सी पी गुरनानी (C P Gurnani) को टेक महिंद्रा के एमडी और सीईओ हैं. सी पी गुरनानी को इंटरनेशनल बिजनेस डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स, ज्वाइंट वेंचर, विलय अधिग्रहण में पारंगत हासिल है. अपने इसी कला के चलते उन्होंने टेक महिंद्रा को इस मुकाम तक ला खड़ा किया है.  सत्यम के अधिग्रहण से लेकर विलय की कहानी हावर्ड बिजनेस स्कूल के केस स्टडी में फीचर करता है. 

महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं गुरनानी 
40 साल के अपने करियर में सी पी गुरनानी कई बड़ी कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. जिसमें   Hewlett Packard, Perot Systems (India) और HCL Corporation शामिल है. गुरनानी आईटी कंपनियों की संस्था  NASSCOM के चेयरमैन पद पर भी रह चुके हैं. और वे महिंद्रा एंड महिंद्रा के बोर्ड के सदस्य भी हैं. सी पी गुरनानी नवंबर 2004 में टेक महिंद्रा के साथ जुड़े तब कंपनी का नाम महिंद्रा ब्रिटिश टेलीकॉम हुआ करता था. 

कहां से ली शिक्षा 
सी पी गुरनानी (C P Gurnani) का जन्म मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के नीमछ में हुआ था. उनके पिता सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकॉटिक्स में कार्यरत थे जिसके चलते उनका लगातार ट्रांसफर होता रहता था. अपने जीवन के शुरुआती दिन उन्होंने राजस्थान के चित्तौरगढ़, कोटा और जयपुर में बिताये हैं. राउरकेला के नेशनल इंस्टीच्युट ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. 

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