ITR Filing Benefits: इनकम टैक्स स्लैब से बाहर है सैलरी, फिर भी भरें ITR, होंगे कई फायदे!

[ad_1]

ITR Benefits: अगर आपकी सैलरी का एक हिस्सा TDS के रूप में कटता है तो ऐसी स्थिति में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करके आसानी से कटा हुआ TDS दोबारा क्लेम कर सकते हैं.

Income Tax Return Benefits: हर नौकरीपेशा व्यक्ति जिसकी सैलरी इनकम टैक्स के दायरे में आती है वह वित्त वर्ष (Financial Year) खत्म होने के बाद अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं. इनकम टैक्स (Income Tax) के दायरे में आने वाली सैलरी का आईटीआर दाखिल (ITR Filing) करना अनिवार्य है. लेकिन, बहुत से ऐसे लोग भी हैं जिनकी सैलरी इनकम टैक्स (Income Tax) के दायरे में नहीं आती है. ऐसे में लोगों के लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य नहीं हैं. ऐसे में बहुत से लोग इनकम टैक्स दाखिल नहीं करते हैं. लेकिन, इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार आपको ऐसा करने से बचना चाहिए. भले ही आपकी सैलरी इनकम टैक्स के दायरे में न आती हो लेकिन, आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल जरूर करना चाहिए.

इनकम टैक्स नियमों के अनुसार 60 साल से ज्यादा की उम्र के लोगों 3 लाख रुपये का अतिरिक्त टैक्स छूट मिलता है. 80 साल से अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन को 5 लाख तक की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है. अगर आपकी 5 लाख से कम सैलरी है तो आप इनकम टैक्स देने के दायरे में नहीं आते हैं तभी भी इनकम टैक्स रिटर्न जरूर फाइल करें. इससे आपको भविष्य में कई बड़े लाभ मिल सकते हैं. तो चलिए हम आपको इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से होने वाले लाभ के बारे में बताते हैं-

ITR दाखिल करने पर मिलते हैं यह लाभ

लोन मिलने में होती है आसानी
आजकल ज्यादातर लोग घर, प्रॉपर्टी (Property), कार (Car Loan) आदि खरीदने के लिए लोन का ऑप्शन चुनते हैं. ऐसे में जब भी आप किसी बैंक या फाइनेंशियल कंपनी के पास लोन लेने जाते हैं तो वह इस आधार पर आपको लोन देते हैं कि आपकी इनकम कितनी है. इसके साथ ही आप इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं या नहीं. ज्यादातर बैंक लोन देने से पहले 3 साल के आईटीआर की मांग करते हैं. आईटीआर में आपके द्वारा दिखाए गए इनकम के आधार पर ही आपको लोन की राशि तय की जाती है.

इनकम टैक्स रिटर्न प्राप्त करने के लिए ITR जरूरी
अगर आपकी सैलरी का एक हिस्सा TDS के रूप में कटता है तो ऐसी स्थिति में आप इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करके आसानी से अपना कटा हुआ TDS दोबारा क्लेम कर सकते हैं. इसके साथ ही आप कई सेविंग स्कीम (Saving Scheme) पर मिलने वाले ब्याज पर भी आप ITR  के जरिए टैक्स बचा सकते हैं.

आईटीआर है वैलिड डॉक्यूमेंट
जो लोग खुद का काम करते हैं या फ्री-लांसर होते हैं उनके लिए आईटीआर फाइलिंग बहुत जरूरी होती है. कंपनी हर कर्मचारी को फॉर्म-16 जारी करती है. ऐसे में यह डॉक्यूमेंट एक वैलिड इनकम प्रूफ (Valid Income Proof) होता है. आप इसे कभी भी अपनी इनकम प्रूफ के तौर पर दिखा सकते हैं.

Visa प्रोसेसिंग के दौरान कर सकते हैं क्लेम
कहीं भी विदेश जाने के लिए हमें उस देश के वीजा की जरूरत पड़ती है. ऐसे में वीजा प्रोसेसिंग (Visa Processing) के लिए हमें ITR की जरूरत पड़ती है. आईटीआर से यह पता चलता है कि आप विदेश जाने योग्य है या नहीं. आईटीआर होने से आप आसानी से आपको वीजा मिल जाता है.

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Prachand.in. Publisher: ABP News

[ad_2]

Source link

Leave a Comment