LIC IPO Update: पहले दिन दोपहर तक 0.29 गुना सब्सक्राइब हुआ LIC का IPO, 9 मई तक लगा सकते हैं पैसा

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LIC IPO Update: एलआईसी का आईपीओ आज ओपन हो गया है. निवेशकों की तरफ से आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. बुधवार को पहले दिन दोपहर तक आईपीओ 0.29 गुना सब्सक्राइब हो गया है.

LIC IPO Update: एलआईसी का आईपीओ आज ओपन हो गया है. निवेशकों की तरफ से आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. बुधवार को पहले दिन दोपहर तक आईपीओ 0.29 गुना सब्सक्राइब हो गया है. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, कुल निर्गम में से पॉलिसीधारकों वाले हिस्से को पूर्ण अभिदान मिला जबकि कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से को 0.49 गुना अभिदान मिला. आप 9 मई तक इस आईपीओ में पैसा लगा सकते हैं.

21000 करोड़ रुपये जुटाएगी सरकार
पात्र संस्थागत खरीदारों (QIB) और गैर-संस्थागत खरीदारों वाले हिस्से के लिए अबतक कुछ खास प्रतिक्रिया नहीं मिली है. सरकार को एलआईसी के आईपीओ से 21,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है. वह एलआईसी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है. आईपीओ के मूल्य दायरा 902 से 949 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है.

कितना है प्राइस बैंड?
कंपनी ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 902-949 रुपये प्रति शेयर तय किया है. एक लॉट में ग्राहकों को 15 शेयर्स मिलेंगे. आपको बता दें कंपनी रिटेल ग्राहकों को 45 रुपये प्रति शेयर की छूट देगी और पॉलिसी होल्डर्स को 60 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट मिलेगा. 

कितना मिलेगा डिस्काउंट?
आपको बता दें कंपनी रिटेल ग्राहकों को 45 रुपये प्रति शेयर की छूट देगी और पॉलिसी होल्डर्स को 60 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट मिलेगा. 

एंकर निवेशकों से जुटाए 5,627 करोड़ 
यह आईपीओ बिक्री पेशकश (Offer For Sale) के रूप में है और इसके जरिये सरकार 22.13 करोड़ शेयर बेचना चाहती है. कंपनी के शेयर 17 मई को लिस्ट हो सकते हैं. एलआईसी ने बताया कि उसने एंकर निवेशकों से 5,627 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं. एंकर निवेशकों के लिए 949 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की दर पर 5.92 करोड़ शेयर आरक्षित रखे गए थे.

घटाया गया था साइज?
सरकार ने फरवरी में एलआईसी में पांच फीसदी हिस्सेदारी या 31.6 करोड़ शेयर बेचने की योजना बनाई थी. इस बारे में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दस्तावेज जमा कराए गए थे. हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से बाजार में जो उतार-चढ़ाव आया उससे आईपीओ योजना में भी अड़चनें आई. पिछले सप्ताह सरकार ने निर्गम का आकार घटाकर 3.5 प्रतिशत करने का फैसला किया था.

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