Services PMI: अप्रैल में सर्विस सेक्‍टर ने दिखाई शानदार ग्रोथ, 5 महीने के उच्च स्तर पर पहुंची

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Services PMI: यह लगातार नौंवा महीना है जब सर्विस सेक्टर में उत्पादन में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है और सर्विसेज पीएमआई 50 से ऊपर रहा है.

Services PMI: कारोबारी गतिविधियों में तेजी आने और उससे रोजगार में नए सिरे से इजाफा होने से सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में सुधार आया है. अप्रैल में यह पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक अप्रैल में बढ़कर 57.9 पर पहुंच गया. मार्च में यह 53.6 पर था जो बढ़ती कीमतों के दबाव के बावजूद नवंबर के बाद से विस्तार की सबसे तेज दर दर्शाता है.

लगातार नौवें महीने में सर्विस सेक्टर में उत्पादन में तेजी
यह लगातार नौंवा महीना है जब सर्विस सेक्टर में उत्पादन में विस्तार देखा गया है. ‘परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स’ (पीएमआई) 50 से ऊपर गतिविधियों में तेजी को दिखाता है जबकि 50 से नीचे गिरावट को बताता है.

सर्विस सेक्टर के लिए पीएमआई आंकड़े ज्यादातर उत्साजनक- एसएंडपी ग्लोबल
एसएंडपी ग्लोबल की इकनॉमिक्स एसोसिएट निदेशक पॉलिएना डि लीमा ने कहा कि सर्विस सेक्टर के लिए पीएमआई आंकड़े ज्यादातर उत्साजनक हैं, वहीं मांग बढ़ने से नए बिजनेस फ्लो और प्रोडक्शन को मजबूती मिली है. लीमा ने कहा, सर्विस प्रोवाइडर्स का कहना है कि उन्हें भोजन, फ्यूल और कच्ची सामग्री के लिए ज्यादा पेमेंट करना पड़ रहा है, कुछ ने कहा कि वेतन लागत बढ़ने से कुल खर्च भी बढ़ा है. महंगाई की कुल दर सर्वे की शुरुआत के बाद से दूसरी बार के उच्चतम स्तर पर है जिससे कंपनियों को बिक्री मूल्य बढ़ाना पड़ रहा है सर्वे में कहा गया कि कोविड-19 की पाबंदियां हटने से कंज्यूमर्स की संख्या बढ़ गई और इस तरह मांग में भी काफी इजाफा हुआ है.

भारतीय सर्विस सेक्टर में बढ़ोतरी की रफ्तार लगातार बनी हुई
सर्वे में कहा गया कि निर्माण लागत के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बावजूद भारतीय सर्विस सेक्टर में बढ़ोतरी की रफ्तार लगातार बनी हुई है. बिक्री मूल्य जुलाई 2017 के बाद से सबसे तेज दर से बढ़ा है और महंगाई बढ़ने से उपजी चिंताओं से कारोबारी भरोसा भी डगमगा रहा है.

रोजगार के मोर्चे पर भी बढ़त जारी
रोजगार के मोर्चे पर कंपनियों ने अप्रैल में भर्ती जारी रखी और नंवबर के बाद से रोजगार में पहली बार वृद्धि हुई है. जिन कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मियों को काम पर रखा उन्होंने कहा कि इसकी वजह नए कारोबार में जारी वृद्धि है. इस बीच समग्र पीएमआई उत्पादन सूचकांक मार्च के 54.3 से बढ़कर अप्रैल में 57.6 हो गया जो बीते पांच महीनों में सबसे तेज बढ़त को दिखाता है.

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